आम आदमी सरकारी चंगुल में... : स्मृति की रिपोर्ट में दो बातें साफ, पहली, सरकार में फिलहाल नो चेंज, दूसरी, हालात उतने खराब नहीं जितने दिल्ली में बताए जाते हैं...
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : जिसका विश्वास जितना कमजोर वह उतना कट्टर होगा, ईश्वर प्राप्ति में मान्यताएं बाधक हैं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : शर्मनाक बहुत छोटा शब्द है...खराब सबको लग रहा है किंतु बोलेंगे नहीं क्योंकि हठ पाल रखा है
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : झांसी की रानी साड़ी पहन युद्ध में शस्त्र चला सकती हैं, अंकिता नहीं, क्योंकि बंधनों का मकड़जाल है...
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : अनुकूलता-प्रतिकूलता ही सारे सुख-दुख की जड़ है, इससे निपटना ही परमहंसत्व है
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : दिमाग में उमड़ते विचारों पर काबू पाने का महाराजजी का सरल तरीका निःशंक हो जाना
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : नाम से मुक्त होना परमात्म से युक्त होना है, बड़ा बारीक है अहंकार का संसार
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : परमहंसियों का चयन समझना कठिन है, गुड्डा बाबा और हनुमान अंश में बहेलिए की तुलना करके देखिए
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : एक बार फिर मैं गया पुराने जन्म में, देखिए जो मैंने डेढ़ घंटे तक महसूस किया... सत्यघटना
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : राहुल का कॉन्सेप्ट क्लीयर है, उनके फोकस में 16 करोड़ गैरसनातनी वोटर्स हैं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : कायाकल्प को चमत्कार बताने लगे लोग तो श्रीराम बाबाजी ने देहत्याग ही बेहतर समझा
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: वनगमन में राम लता, पत्तों से सीता का पता पूछते हैं, परमहंस श्रीराम बाबाजी गायों से, यही तो विधात्री क्रियाएं हैं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: ईश्वर सिर्फ मनुष्य जैसा नहीं होता, विविध जीवों, निर्जीवों में भी है, इस दिशा से ही विधाता से संवाद संभव
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: परमतत्व का बिंब तभी प्रकट होता है जब निर्मल सत्संगति हो रही हो, प्रयोग के अभीष्ट से नहीं