आम आदमी सरकारी चंगुल में... : परमहंसियों का चयन समझना कठिन है, गुड्डा बाबा और हनुमान अंश में बहेलिए की तुलना करके दिखिए
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : एक बार फिर मैं गया पुराने जन्म में, देखिए जो मैंने डेढ़ घंटे तक महसूस किया... सत्यघटना
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : राहुल का कॉन्सेप्ट क्लीयर है, उनके फोकस में 16 करोड़ गैरसनातनी वोटर्स हैं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : कायाकल्प को चमत्कार बताने लगे लोग तो श्रीराम बाबाजी ने देहत्याग ही बेहतर समझा
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: वनगमन में राम लता, पत्तों से सीता का पता पूछते हैं, परमहंस श्रीराम बाबाजी गायों से, यही तो विधात्री क्रियाएं हैं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: ईश्वर सिर्फ मनुष्य जैसा नहीं होता, विविध जीवों, निर्जीवों में भी है, इस दिशा से ही विधाता से संवाद संभव
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: परमतत्व का बिंब तभी प्रकट होता है जब निर्मल सत्संगति हो रही हो, प्रयोग के अभीष्ट से नहीं
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: परमतत्व की साधना में आग्रह की मिलावट नहीं होना चाहिए, तभी ईश्वर प्रकट होगा
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : ParamhansShrirambabajee: दुविधाओं से मुक्ति, निरंतर हरि सुमिरन ही वास्तविक ईश्वरीय योग जो अंश को परमहंस तक ले जाता है
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : दोजखः रिश्तों की सहजता, किशोरवय की धर्मगत जिज्ञासा और देसज जीवन की ताकत का गठजोड़
आम आदमी सरकारी चंगुल में... : बौरास विलीनीकरण न हुआ होता तो राजस्थान, गुजरात आधा एमपी होता पाकिस्तान में